दिल्ली की रहने वाली मेहरुन्निसा बनी भारत की पहली फीमेल बाउंसर

बाउंसर का नाम सुनते ही आपके दिल और दिमाग में तगडे तगडे बॉडीबिल्डर आ जाते होंगे। बाउंसरों का काम बड़ा ही जिम्मेदारी वाला होता है। इन को  सीमित दायरे में रहकर अपने काम को अंजाम देना होता है।

सीमित दायरे के अंदर व्यवस्था कायम करना वाकई ही मुश्किल काम है, फिर भी ये आपने आप को इसके लिए परिपक्व कर लेते हैं। आज हम आपको एक ऐसी महिला बाउंसर से मिलवाने जा रहे हैं जो दिल्ली की रहने वाली हैं।

दिल्ली के हौज खास विलेज में एक क्लब में यह बाउंसर अपना कर्तव्य निभा रही है। यह महिला दिन में एक लाइब्रेरी में काम करती हैं, और रात को क्लब में बाउंसर के रूप में अपना कर्तव्य निभा रही है। गरीब परिवार से आने वाले मेहरुन्निसा पर अपने घर की आर्थिक व्यवस्था चलाने का जिम्मा है। मेहरुन्निसाअपने काम से अपने माता-पिता और अपनी बहनों की जिम्मेदारी देखती हैं।

वाकई ही इस महिला ने पुरुष समाज में सारे बंधन तोड़ देते हुए एक जिम्मेदारी वाला कदम उठाया हे। जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। हमेशा से ही खुश मिजाज रहने वाली मेहरुन्निसा को पहलवानी का बचपन से ही शौक था.

 

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