छेड़खानी कर रहे लड़कों को इस महिला ने दिया कुछ ऐसा जवाब हुआ लोगों की मानसिकता में परिवर्तन

अक्सर ही देखा जाता है महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को समाज हलके तौर पर लेता है पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बस घर की चारदीवारी में समेट के रखना चाहते हैं बुराई को जितना दबा कर रखा जाता है वह उतनी ही उभरकर सामने आती है ऐसा ही कुछ इस शॉर्ट फिल्म में भी दर्शाया गया है अक्सर ही महिला को पुरुष परेशान करते हैं महिला छेड़खानी का शिकार होती रहती है महिला अपना दुखड़ा अपने पति से ले कर आस पास के सभी लोगों से बता देती है पर सभी लोग महिला को यह कहकर चुप करा देते हैं कि तुम एक महिला हो तुम्हें इन गुंडों के मुंह नहीं लगना चाहिए पर एक दिन ऐसा भी आता है जब इन गुंडों की हरकत की इतनी बढ़ जाती है कि महिला के साथ जबरदस्ती पर उतारु हो जाते हैं जब महिला से यह सब नहीं देखा जाता तो महिला खुद ही  इन गुंडों का डटकर मुकाबला करती है और इन्हें ऐसा सबक सिखाती है जो समाज के लिए एक मिसाल है |

अक्सर ही महिलाएं अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों पर दूसरों का मुंह ताकती  नजर आती है पर अब समय आ गया है कि महिलाओं को खुद ही आगे आना होगा और अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठानी होगी ऐसा कब तक होता रहेगा भारत जैसे विकासशील देश में अक्सर ही महिलाओं को दबा कर रखा जाता है पुरुष जो करे वह की पर महिला करें वह गलत ऐसा कब तक चलता रहेगा जब भी कोई घटना समाज के अंदर घटित होती है तो अक्सर ही महिलाओं को दोषी समझा जाता है पुरुष पर कोई अपनी प्रतिक्रिया देने से बचता है हर कोई अपने आप को सुरक्षित पाले में रखना चाहता है|

जैसे-जैसे समाज प्रगति कर रहा है वैसे वैसे लोगों को भी अपनी सोच में परिवर्तन लाने की जरूरत है जब तक इन शरारती तत्वों को लड़कियां डटकर जवाब नहीं देंगे तब तक ऐसे ही अत्याचार महिलाओं पर होते रहेंगे महिलाएं कब पूरी तरह से स्वतंत्र हैं महिलाएं भी पुरुषों की तरह बाहर निकल कर काम करने लगी है महिलाओं को अब अपनी आवश्यकता के लिए किसी पुरुष पर निर्भर नहीं रहना पड़ता फिर क्यूं इतनी जाती महिलाएं सही इसी विषय पर बनाई गई है शॉर्ट फिल्म लोगों को काफी पसंद आ रही है इस शॉर्ट फिल्म को बनाने वाले डायरेक्टर अनुराग कश्यप है इसमें मुख्य भूमिका राधिका आप्टे ,अनन्या कोर, गीतांजलि थापा ,महेश बलराज ,आलोक पांडे और रवि चौधरी ने निभाई है.

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