भारत के अंदर पुलिस वाले गुंडे जैसे प्रतीत क्यों होते हैं

पुलिस जिसका नाम सुनकर गुंडों को डर के मारे कांप जाना चाहिए पर आजकल जिस तरह से पुलिस का व्यवहार लोगों के साथ है उसे देखकर तो यही लगता है कि पुलिस से आम जनता को डरना चाहिए ना कि गुंडे-बदमाशों को,आज हम दिल्ली पुलिस की बात कर रहे हैं दिल्ली पुलिस को कहा जाता है कि देश में सबसे सर्वश्रेष्ठ पुलिस का तमगा मिला हुआ है पर जब गहराई से इसकी जांच की गई तो यह सब बस हवा-हवाई ही लगता है आज कल पुलिस का होना ना होना एक ही बात हो गई है गुंडे शरेआम अपनी मनमर्जी कर रहे हैं पुलिस वाले आम जनता को ही परेशान कर रहे हैं पुलिस वालों को अपनी जेब भरने से फुर्सत ही नहीं |

भारत में पुलिस के लिए ऐसी कोई प्रॉपर ट्रेनिंग नहीं है जिससे वह गुंडा तत्वों को संभाल सके पुलिस वालों में इसका अभाव साफ़ देखा जा सकता है, जब हमने 2016 17 में हुए क्राइम के आंकड़े राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में देखने चाहे तो हैरानी की बात यह हुई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में इसके कोई आंकड़े ही मौजूद नहीं है|

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आजकल लोग पुलिस में भर्ती इसलिए नहीं होना चाहते हैं कि वह देश की सेवा करेंगे आजकल लोग मोटी कमाई करने के लिए पुलिस में भर्ती होते हैं पर ऐसे पुलिस वालों की भी कमी नहीं जो देश के लिए अपनी जान तक लगा देते हैं कहते हैं ना एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है ऐसा ही दिल्ली पुलिस का भी हाल है कुछ पुलिस वाले पुलिस की वर्दी को दागदार कर देते हैं दिल्ली में बढ़ते हुए अपराध के रिकॉर्ड इस बारे में साफ-साफ गवाही दे रहे हैं पुलिस मानो कुंभकरण की नींद सो रही है उसे कोई परवाह ही नहीं की जनता पर क्या बीत रही है गुंडा तत्वों खुले आम आम लोगों को परेशान कर रहे हैं और पुलिस वाले बस अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं |


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दिल्ली पुलिस के यह रिकॉर्ड देख कर तो ऐसा ही लगता है देश में आज ऐसे सिस्टम की जरूरत है जिससे की आम लोगों की इच्छा पूर्ति हो सके और पुलिस वाले ठीक से काम कर सके इसके लिए हमें बुनियादी तौर पर तैयारी शुरू करनी पड़ेगी देश में सत्ता किसी की भी हो हर किसी के शासन में इसी तरह के परिणाम देखने को मिलते हैं राजनीतिक दल भी दावे तो बड़े-बड़े करते हैं पर सत्ता में आने के बाद उनके दावे धरातल पर दिखाई नहीं देते|


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देश  में बढ़ते हुए रेप की बात करें तो दिल्ली मे यह सबसे ज्यादा होते हैं अगर मर्डर की बात करें तो वह भी दिल्ली में ही सबसे ज्यादा होते हैं चोरी भी दिल्ली में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की गई|

इस आंकड़े को देखकर यही लगता है कि देश की राजधानी दिल्ली   ने अपराध के मामले में पूरे देश को पछाड़ दिया है  दूसरी तरफ प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है |

 

 

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